समाचार में क्यों? (Why in News)

१० जुलाई २०२६ को भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पुष्टि की कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे भारतीय उपमहाद्वीप को कवर कर लिया है। साथ ही, कई राज्यों में भारी वर्षा से हाहाकार मचा हुआ है और वर्षा-संबंधी घटनाओं में १० से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में अतिवृष्टि से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई और पोंटा साहिब में स्कूल बंद कर दिए गए। IMD ने कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं।

जीएस पेपर पाठ्यक्रम मानचित्रण

जीएस पेपर III — आपदा प्रबंधन

  • आपदा प्रबंधन अधिनियम, २००५ और संस्थागत ढाँचा (NDMA, NDRF, SDRF)
  • राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (SDMA) की भूमिका
  • प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली और IMD की भूमिका
  • सेंदाई आपदा जोखिम न्यूनीकरण फ्रेमवर्क (२०१५–२०३०)

जीएस पेपर III — पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी / जलवायु परिवर्तन

  • दक्षिण-पश्चिम मानसून: तंत्र, परिवर्तनशीलता और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव
  • अत्यधिक मौसमी घटनाएँ और शहरी बाढ़
  • भूस्खलन संवेदनशीलता मानचित्रण

घटना की प्रमुख विशेषताएँ

  • मानसून की प्रगति: दक्षिण-पश्चिम मानसून २०२६ ने १० जुलाई तक पूरे भारत को कवर किया — यह सामान्य कार्यक्रम (१५ जुलाई तक) से पहले है।
  • हिमाचल प्रदेश: सिरमौर जिले में अतिवृष्टि से अचानक बाढ़ आई। पोंटा साहिब में स्कूल बंद।
  • IMD अलर्ट: रेड अलर्ट (२४ घंटों में ≥२०४.४ मिमी वर्षा) कई राज्यों के लिए जारी। ऑरेंज अलर्ट (११५.६–२०४.४ मिमी) अन्य राज्यों के लिए।
  • मृत्यु: डूबने, दीवार गिरने और भूस्खलन से देशभर में १० से अधिक मृत्यु।
  • अन्य प्रभावित राज्य: उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, पूर्वोत्तर भारत।

भारत में आपदा प्रबंधन ढाँचा — विश्लेषण

वैधानिक आधार

आपदा प्रबंधन अधिनियम, २००५ भारत का प्राथमिक कानून है, जो २००४ की हिंद महासागर सुनामी के बाद बनाया गया था। इस अधिनियम ने तीन-स्तरीय संस्थागत ढाँचा तैयार किया:

  1. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA): प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में। राष्ट्रीय स्तर पर नीति-निर्माण और समन्वय करने वाली सर्वोच्च संस्था।
  2. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA): मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में। राज्य-स्तरीय आपदा प्रबंधन नीति का क्रियान्वयन।
  3. जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA): जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में। जिला स्तर पर योजना और क्रियान्वयन की प्रथम इकाई।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF)

NDRF, आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा ४४ के तहत स्थापित एक विशेष बल है। इसमें अर्धसैनिक बलों से ली गई १६ बटालियन हैं। मानसून सीजन में इन्हें आपदा-प्रवण क्षेत्रों में पूर्व-तैनात किया जाता है।

राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF)

राज्यों के पास अपने SDRF होते हैं जो NDRF की तैनाती से पहले प्रथम प्रतिक्रिया देने वाले होते हैं। राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से वित्त पोषण होता है — केंद्र ७५% और राज्य २५% (विशेष श्रेणी राज्यों के लिए ९०:१०)।

CrPC/BNSS प्रावधान

दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) १९७३ की धारा १४४ (अब BNSS २०२३ की धारा १६३) के तहत जिला मजिस्ट्रेट बाढ़ और भूस्खलन आपात स्थितियों में जनता की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा सकते हैं और बचाव कार्यों के लिए संसाधनों की माँग कर सकते हैं।

IMD की प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली

IMD की रंग-कोडित अलर्ट प्रणाली — हरा (कोई चेतावनी नहीं), पीला (निगरानी रखें), नारंगी (तैयार रहें), लाल (कार्रवाई करें) — आपदा तैयारी का महत्वपूर्ण घटक है। एकीकृत चेतावनी प्रसार प्रणाली (IWDS) IMD को राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और NDMA से जोड़ती है।

जलवायु परिवर्तन और मानसून

IPCC के छठे मूल्यांकन रिपोर्ट (२०२१) के अनुसार दक्षिण एशिया में अधिक बारंबार और तीव्र वर्षा की घटनाएँ होंगी। भारत ने पश्चिमी घाट, मध्य भारत और हिमालय की तलहटी में अत्यधिक वर्षा की घटनाओं में बढ़ता रुझान पहले से देखा है।

चुनौतियाँ

  • दूरस्थ पहाड़ी जिलों में प्रारंभिक चेतावनी की पहुँच कमजोर।
  • शहरी क्षेत्रों में अपर्याप्त तूफानी जल निकासी।
  • जलवायु परिवर्तन से अत्यधिक वर्षा की घटनाओं में वृद्धि।
  • बहु-खतरे वाली आपदाओं में अंतर-एजेंसी समन्वय का अभाव।

प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास MCQ

प्रश्न:

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. NDMA की अध्यक्षता भारत के प्रधानमंत्री करते हैं।
  2. NDMA की स्थापना आपदा प्रबंधन अधिनियम, २००५ के तहत हुई।
  3. जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की अध्यक्षता राज्यपाल करते हैं।

(A) केवल १ और २
(B) केवल १
(C) केवल २ और ३
(D) १, २ और ३

उत्तर: (A) केवल १ और २

स्पष्टीकरण: कथन ३ गलत है — DDMA की अध्यक्षता जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट करते हैं, राज्यपाल नहीं।

मुख्य परीक्षा आदर्श प्रश्न

प्रश्न:

“भारत का आपदा प्रबंधन ढाँचा आपदा प्रबंधन अधिनियम, २००५ के बाद उल्लेखनीय रूप से विकसित हुआ है, फिर भी वार्षिक मानसून-संबंधी आपदाओं में सैकड़ों जानें जाती हैं। भारत में आपदा प्रबंधन के संस्थागत ढाँचे का समालोचनात्मक विश्लेषण करें और असुरक्षित समुदायों की लचीलापन क्षमता को मजबूत करने के उपाय सुझाएँ।”

उत्तर के मुख्य बिंदु:

  • NDMA → SDMA → DDMA की तीन-स्तरीय संरचना — संघीय समन्वय।
  • NDRF की १६ बटालियन — त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता।
  • IMD का रंग-कोडित अलर्ट सिस्टम — पूर्व कार्रवाई सक्षम।
  • चुनौतियाँ: अंतिम छोर तक चेतावनी पहुँचाना, शहरी बाढ़, जलवायु परिवर्तन।
  • मार्ग: PRI प्रशिक्षण, AI-आधारित बाढ़ मॉडलिंग, भवन निर्माण कोड सुधार।
  • सेंदाई फ्रेमवर्क के साथ संरेखण और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन।

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