नोट: यह अध्याय संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोगों जैसे UPPSC (यूपीपीएससी), BPSC (बीपीएससी), MPPSC और RPSC की परीक्षाओं के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया है।

नल और टंकी का परिचय (Introduction to Pipes and Cisterns)

“नल और टंकी” (Pipes and Cisterns) की अवधारणा UPSC CSAT और MPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मात्रात्मक अभिरुचि (Quantitative Aptitude) पाठ्यक्रम का एक अभिन्न अंग है। मूल रूप से, इसका तर्क “समय और कार्य” (Time and Work) के समान ही है। समय और कार्य में, हम व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य की गणना करते हैं, जबकि नल और टंकी में, हम किसी टैंक या जलाशय (टंकी) में नलों द्वारा भरे गए या खाली किए गए पानी की मात्रा को मापते हैं।

इस विषय को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है और आपके तार्किक निष्कर्ष (logical deduction), भिन्न की गणना (fraction calculation), तथा कार्य की विभिन्न दरों को समझने की क्षमता का परीक्षण करता है। समय और कार्य से मुख्य अंतर “ऋणात्मक कार्य” (negative work) का शामिल होना है, जो टैंक को खाली करने वाले नलों (pipes) को दर्शाता है।

< ता है, जिससे वह 30/16 = 15/8 टैंक भरता है। अतिरिक्त भाग (15/8 – 1 = 7/8 टैंक) को नल B द्वारा खाली किया जाना चाहिए। B पूरे 1 टैंक को 24 मिनट में खाली करता है, इसलिए 7/8 भाग को 24 * (7/8) = 21 मिनट में खाली करेगा।

अभ्यास और चर्चा: इस अध्याय से संबंधित मुख्य परीक्षा (Mains) के प्रश्न UPPSC और BPSC में बार-बार पूछे जाते हैं, अतः विद्यार्थी इनका अभ्यास अवश्य करें। यदि आपके पास कोई प्रश्न है, तो नीचे टिप्पणी (comment) अनुभाग में पूछें।

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