1. परिचय: रेलगाड़ी और नाव संबंधी समस्याओं का महत्व
सिविल सेवा परीक्षाओं (UPSC, UPPSC, BPSC, MPPSC, RPSC) के द्वितीय प्रश्नपत्र अर्थात् सिविल सेवा अभिवृत्ति परीक्षा (CSAT) में गणितीय अभियोग्यता (Mathematical Aptitude) और तार्किक क्षमता (Logical Reasoning) एक निर्णायक भूमिका निभाती है। इस खंड के अंतर्गत ‘समय, गति और दूरी’ (Time, Speed and Distance – TSD) एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। इसी अध्याय के दो विशिष्ट उप-विषय हैं—’रेलगाड़ी संबंधी समस्याएं’ (Problems on Trains) और ‘नाव तथा धारा संबंधी समस्याएं’ (Boats and Streams)। इन दोनों विषयों से सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में प्रतिवर्ष प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से 2 से 3 प्रश्न अवश्य पूछे जाते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वैज्ञानिक आधार
भौतिकी और व्यावहारिक गणित (Applied Mathematics) के दृष्टिकोण से, इन समस्याओं का मूल सिद्धांत ‘सापेक्ष गति’ (Relative Speed/Velocity) पर आधारित है। सापेक्ष गति की अवधारणा का इतिहास महान वैज्ञानिक गैलीलियो प्रारंभिक परीक्षा में CSAT केवल क्वालिफाइंग (33% अंक अनिवार्य) है, लेकिन हाल के वर्षों में इसके बढ़ते कठिन स्तर को देखते हुए इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। रेलगाड़ी और नाव के प्रश्नों पर पकड़ बनाने के लिए: इन नियमों, सूत्रों और अभ्यास विधियों को समझकर आप परीक्षा में इस खंड से आने वाले सभी प्रश्नों को न्यूनतम समय में सही-सही हल कर पाएंगे। अभ्यास और चर्चा: इस अध्याय से संबंधित मुख्य परीक्षा (Mains) के प्रश्न UPPSC और BPSC में बार-बार पूछे जाते हैं, अतः विद्यार्थी इनका अभ्यास अवश्य करें। यदि आपके पास कोई प्रश्न है, तो नीचे टिप्पणी (comment) अनुभाग में पूछें।
CSAT के लिए तैयारी की योजना
