परिचय: आधुनिक भारत के इतिहास का प्रस्थान बिंदु
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और विभिन्न राज्य लोक सेवा आयोगों (UPPSC, BPSC, MPPSC, RPSC) की परीक्षाओं में आधुनिक भारत का इतिहास (यूरोपियों के आगमन से लेकर 1857 के विद्रोह तक) एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय खंड है। यह कालखंड भारत के मध्यकालीन सामंती ढांचे के टूटने, यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों के राजनीतिक सत्ता में बदलने, और उनके खिलाफ भारतीय समाज के विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रिया का गवाह रहा है। इस अध्याय को समझना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह न केवल औपनिवेशिक शोषण के विभिन्न चरणों को स्पष्ट करता है, बल्कि भारतीय राष्ट्रवाद के उदय की पृष्ठभूमि भी तैयार करता है।
इस कालखंड का मुख्य ऐतिहासिक संदर्भ मुग़ल साम्राज्य का पतन और क्षेत्रीय शक्तियों का उदय है। मुग़ल सत्ता के कमजोर होने से उत्पन्न राजनीतिक शून्यता को भरने के लिए जहाँ एक ओर मराठा, सिख, हैदर अभ्यास और चर्चा: इस अध्याय से संबंधित मुख्य परीक्षा (Mains) के प्रश्न UPPSC और BPSC में बार-बार पूछे जाते हैं, अतः विद्यार्थी इनका अभ्यास अवश्य करें। यदि आपके पास कोई प्रश्न है, तो नीचे टिप्पणी (comment) अनुभाग में पूछें।
8.3 सामान्य गलतियाँ जिनसे बचना चाहिए (Common Mistakes to Avoid)
