मानव भूगोल: जनसंख्या, प्रवास और अधिवास – UPSC, UPPSC, BPSC, MPPSC, RPSC के लिए संपूर्ण अध्ययन नोट्स
1. प्रस्तावना (Introduction)
मानव भूगोल (Human Geography) भूगोल की वह प्रमुख शाखा है जो पृथ्वी की सतह पर मानव समाजों और उनके भौतिक पर्यावरण के बीच संबंधों के स्थानिक प्रारूपों का अध्ययन करती है। यह इस बात का विश्लेषण करता है कि कैसे मनुष्य पर्यावरण के साथ अनुकूलन करता है, उसमें बदलाव करता है और कैसे भौगोलिक कारक मानव गतिविधियों को आकार देते हैं। सिविल सेवा परीक्षाओं (UPSC और राज्य लोक सेवा आयोगों) के सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-I (Geography Section) और भूगोल वैकल्पिक विषय (Geography Optional) दोनों ही दृष्टिकोणों से ‘जनसंख्या, प्रवास और अधिवास’ का त्रिकोणीय अंतर्संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में देखें तो फ्रेडरिक रेटजेल (Friedrich Ratzel), जिन्हें आधुनिक मानव भूगोल का जनक माना जाता है, ने अपनी पुस्तक ‘एंथ्रोपोज़ियोग्राफी’ (Anthropogeo
6.3 मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न (Mains Practice Questions)
प्रश्न 1. “प्रवास केवल एक स्थान से दूसरे स्थान पर जनसंख्या के स्थानांतरण का नाम नहीं है, बल्कि यह उद्गम और गंतव्य दोनों क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक भूगोल को पुनर्गठित करता है।” इस कथन के आलोक में भारत में ग्रामीण-शहरी प्रवास के परिणामों की आलोचनात्मक विवेचना कीजिए। (UPSC GS Paper-I, 250 शब्द, 15 अंक)
प्रश्न 2. ग्रामीण अधिवासों के विभिन्न प्रतिरूपों (Settlement Patterns) को प्रभावित करने वाले भौगोलिक कारकों की व्याख्या कीजिए। उपयुक्त आरेखों की सहायता से स्पष्ट कीजिए। (State PSC GS Paper-I, 150 शब्द, 10 अंक)
प्रश्न 3. भारत में ‘जनांकिकीय लाभांश’ की खिड़की हमेशा के लिए खुली नहीं रहेगी। इस लाभांश के प्रभावी दोहन के लिए आवश्यक नीतिगत सुधारों और प्रमुख चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए। (UPSC/State PSC GS Paper-III, 250 शब्द, 15 अंक)
अभ्यास और चर्चा: इस अध्याय से संबंधित मुख्य परीक्षा (Mains) के प्रश्न UPPSC और BPSC में बार-बार पूछे जाते हैं, अतः विद्यार्थी इनका अभ्यास अवश्य करें। यदि आपके पास कोई प्रश्न है, तो नीचे टिप्पणी (comment) अनुभाग में पूछें।
