नोट: यह अध्याय संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोगों जैसे UPPSC (यूपीपीएससी), BPSC (बीपीएससी), MPPSC और RPSC की परीक्षाओं के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया है।
भारत में शासन प्रणाली: संघीय, संसदीय और केंद्र-राज्य संबंध
भारतीय संविधान द्वारा स्थापित शासन प्रणाली अनूठी है। यह एक मजबूत एकात्मक झुकाव के साथ संघवाद के तत्वों का सम्मिश्रण करती है और शासन के संसदीय रूप को अपनाती है। यह गाइड इन संरचनात्मक स्तंभों का अन्वेषण करती है।
1. संसदीय व्यवस्था
भारत ने अमेरिकी अध्यक्षीय प्रणाली (Presidential System) के बजाय ब्रिटिश संसदीय प्रणाली को अपनाया, जिसे वेस्टमिंस्टर मॉडल (Westminster model) के रूप में भी जाना जाता है। यह विधायिका और कार्यपालिका के अंगों के बीच सहयोग और समन्वय के सिद्धांत पर आधारित है।
मुख्य विशेषताएं:
<
ul>
}
},
{
“@type”: “Question”,
“name”: “भारतीय राजव्यवस्था परीक्षाओं के लिए संघीय बनाम एकात्मक शासन प्रणाली की तुलना करें।”,
“acceptedAnswer”: {
“@type”: “Answer”,
“text”: “एक संघीय प्रणाली में केंद्र और क्षेत्रीय सरकारों के बीच शक्तियों का संवैधानिक विभाजन, एक लिखित संविधान और एक स्वतंत्र न्यायपालिका शामिल होती है, जिसमें राज्यों के पास महत्वपूर्ण स्वायत्तता होती है। इसके विपरीत, एक एकात्मक प्रणाली केंद्र सरकार में सभी शक्तियों को केंद्रित करती है, जिसमें उप-राष्ट्रीय इकाइयाँ उसके प्रशासनिक एजेंटों के रूप में कार्य करती हैं और उनके पास कोई अंतर्निहित शक्तियाँ नहीं होती हैं।”
}
}
] }
अभ्यास और चर्चा: इस अध्याय से संबंधित मुख्य परीक्षा (Mains) के प्रश्न UPPSC और BPSC में बार-बार पूछे जाते हैं, अतः विद्यार्थी इनका अभ्यास अवश्य करें। यदि आपके पास कोई प्रश्न है, तो नीचे टिप्पणी (comment) अनुभाग में पूछें।
